Category: नैतिक कहानियाँ
पंचतंत्र की कहानियाँ | पंचतंत्र हिन्दी कहानियाँ
पंचतंत्र एक संस्कृत नीतिकथाओं का संग्रह है, जिसकी रचना विष्णु शर्मा ने की थी। यह कहानियों का संग्रह भारत के प्राचीन साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है [...]
उधार दिया मित्र खोया
आपकी स्थिति यहाँ पर सामजिक और नैतिक मुद्दे का एक उदाहरण हो सकता है, जिसमें आपने अपने मित्र को पैसे उधार दिए और फिर वह मित्र आपसे दूर हो गया है। इस स्थ [...]
नैतिक रास्ता और अनैतिक रास्ता
एक समय की बात है, एक गांव में एक बुढ़िया रहती थीं। उनके पास एक बड़ा सा पेड़ था, जिस पर बगीचे के लिए कई प्रकार के फल उगते थे। बुढ़िया ने उसे अपनी सम्पत् [...]
न्यायप्रिय और ईमानदार राजा
एक समय की बात है, एक राजा राजधानी में शासन करता था। वह बहुत ही न्यायप्रिय और ईमानदार राजा था। उसका प्रधान विचारधारा यह था कि सभी लोगों को अच्छा और बुर [...]
यशोदा और कान्हा
नंद बाबा चुपचाप रथ पर कान्हा के वस्त्राभूषणों की गठरी रख रहे थे। दूर ओसारे में मूर्ति की तरह शीश झुका कर खड़ी यशोदा को देख कर कहा- दुखी क्यों हो यशोदा [...]
जो चाहोगे सो पाओगे
एक साधु घाट किनारे अपना डेरा डाले हुए था। वहाँ वह धुनी रमा कर दिन भर बैठा रहता और बीच-बीच में ऊँची आवाज़ में चिल्लाता, “जो चाहोगे सो पाओगे!”
उस रास् [...]
चार दोस्त
स्कूल के चार करीबी दोस्तों की आंखें नम करने वाली कहानी है..जिन्होंने एक ही स्कूल में एसएससी तक पढ़ाई की है..उस समय शहर में इकलौता लग्जरी होटल था.। [...]
बुद्धिमान की परीक्षा
बहुत समय पूर्व जब गुरुकुल शिक्षा की प्रणाली होती थी | तब हर बालक को अपने जीवन के पच्चीस वर्ष गुरुकुल में बिताना पड़ता था | उस समय एक प्रचंड पंडित राधे [...]
सुखी जीवन का रहस्य
एक महान संत हुआ करते थे जो अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वो कई लोगो से मुलाकात करते थे | एक जगह से दूसरी जगह यात्रा के लिए जाना पड़ता था [...]
मृत्यु का उत्सव
कपिला नगरी के राजा देवराज अपने मंत्री के ज्ञान व उन्नत चेतना से अधिक खुश नहीं थे। एक बार मंत्री के जन्मदिवस समारोह के अवसर पर सब खुशी से झूम रहे थे कि [...]