Category: नैतिक कहानियाँ
पवित्र दान
एक सेठ ने अन्नसत्र खोल रखा था। उनमें दान की भावना तो कम थी पर समाज उन्हें दानवीर समझकर उनकी प्रशंसा करे यह भावना मुख्य थी। [...]
ज्ञान कभी घमंड न करने का
तो बात उस समय की है, जब स्वामी विवेकानंद अपने लोकप्रिय शिकागो धर्म सम्मेलन के भाषण के बाद भारत वापस आ गये थे। अब उनकी चर्चा विश्व के हर देश में हो रही [...]
परमात्मा पर भरोसा
एक राजा था उसका एक मंत्री था , जिसका नाम जय सिंह था। वह बहुत बुद्धिमान तथा समझदार था।
एक बार राजा के राज्य पर साथ वाले राज्य ने आक्रमण कर दिया। वह बह [...]
दृढ़ निश्चय का फल
बहुत पुरानी बात है एक जंगल एक गुरुकुल था जिसमें बहुत सारे बच्चे पढ़ने आते थे। एक बार की बात है ,गुरूजी सभी विद्यर्थियों को पढ़ा रहे थे मगर एक विद्यार् [...]
40 रुपये के 40 लाख | न्याय है ऊपरवाले की अदालत में!
आज सुबह काम पर निकल रहा था तभी घर में कुछ हलचल सी लगी, जैसे कोई अप्रत्याशित कोई अनहोनी घटना हो गयी हो।
मैं बैठक में गया तो वहाँ मेरे स्वर्गीय पिताज [...]